Success Story: कहते है की कड़ी मेहनत करने वालों जीवन में हमेशा सफला मिलती है। बेटे के सपने जिंदा रहें और वह कामयाब हो इसके लिए पिता ने कोचिंग के लिए पैसे नहीं होने के कारण अपने घर को बेच दिया ताकि वह जीवन में कामयाब हो जाए।
आर्थिक तंगी रही और समय ने भी बहुत उतार-चढ़ाव दिखाए लेकिन पढ़ाई नहीं रुकी। यह कहानी प्रदीप सिंह की है। जानिए इसके सफलता की अनोखी कहानी…
यहां से हुई शुरुआत Success Story of Pradeep Singh
प्रदीप सिंह इंदौर के रहने वाले हैं। कुछ वर्षों बाद उनके पिता हरियाणा चले आए। उनके पिता सुखबीर सिंह ने पेट्रोल पंप पर काम करके परिवार का गुजारा किया।
इंस्पेक्टर की नौकरी छोड़ी
प्रदीप ने हरियाणा में स्कूल की पढ़ाई पूरी की। काॅलेज की पढ़ाई के लिए वह कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां से बीकॉम (ऑनर्स) कंप्लीट किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने थोड़े समय के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में इंस्पेक्टर के रूप में काम किया। प्रदीप का सपना IAS अधिकारी बनने का था। उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर पूरी मेहनत से UPSC की तैयारी शुरू की। Success Story of Pradeep Singh
रैंक के साथ टाॅपर
प्रदीप ने पहले प्रयास में AIR 93 हासिल की। हालांकि वह IAS नहीं बन पाए और यही वजह थी उन्होंने दोबारा प्रयास किया। 2019 में उन्होंने UPSC में AIR 26 रैंक के साथ टाॅप किया और अधिकारी बने।
ऐसे बना प्रेरणा Success Story of Pradeep Singh
प्रदीप बताते हैं कि आर्थिक तंगी इतनी थी कि उनके पिता ने UPSC कोचिंग के लिए घर तक बेच दिया। उनके पिता ने कभी भी संकोच नहीं किया। आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अधिकारी बनने के सपने को जिंदा रखने के लिए पिता का साथ मिला। पिता की मेहनत और बलिदान ने उन्हें प्रेरित किया।
टाइम मैनेजमेंट जरूरी Success Story of Pradeep Singh
आज प्रदीप सिंह IAS अधिकारी हैं। प्रदीप का कहना है कि सफलता के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी है। सही दिशा में फोकस के साथ आगे बढ़ने से आप लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उनकी कहानी यह दिखाती है कि अगर मेहनत और माता-पिता का समर्थन हो तो कोई भी सपना सच हो सकता है।












