झज्जर, 04 मई। जिलाधीश स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिला झज्जर की सीमा में रबी फसलों (गेहूं/सरसों) के अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि फसल कटाई के बाद खेतों में गेहूं एवं सरसों के ठूंठ (स्टबल) जलाने से आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, जिससे जन-जीवन एवं संपत्ति को खतरा उत्पन्न होता है।
उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से किसान कंबाइन मशीन से फसल कटाई या हाथ से कटाई के बाद अवशेष जलाते हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।
फसल अवशेष जलने से मिट्टी में मौजूद कार्बन, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं सूक्ष्म जीव नष्ट होकर भूमि की उर्वरता घटती है।
धुएं से सांस संबंधी रोग जैसे खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस आदि बढ़ते हैं, विशेषकर हृदय व फेफड़ों के मरीजों के लिए खतरनाक है। वातावरण में ऑक्सीजन की कमी होती है।
जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने स्पष्ट किया कि कोई भी खेत मालिक फसल अवशेष जलाते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





