Haryana: हरियाणा के तीन नगर निगमों अंबाला शहर, पंचकूला और सोनीपत का कार्यकाल इस साल के आखिर तक खत्म होने वाला है। ऐसे में शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मेयर पद के आरक्षण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, हरियाणा की सरकार चाहती है कि तीनों नगर निगमों के चुनाव समय पर कराए जाएं, इसलिए आरक्षण की औपचारिकता बिना देरी पूरी की जा रही है। प्रदेश में 10 नगर निगम हैं, जिनमें से सात के चुनाव इसी साल पूरे हुए हैं।
शहरी निकाय विभाग ने एक दिसंबर को सुबह 11 बजे पंचकूला स्थित निदेशालय में अहम मीटिंग बुलाने का फैसला लिया है। इसमें तीनों नगर निगमों अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में मेयर पद के आरक्षण के लिए ड्रा आफ लाट की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंबाला में महिला के लिए आरक्षित है सीट
वर्तमान में अंबाला का मेयर पद महिला के लिए आरक्षित है, वही पंचकूला और सोनीपत अनारक्षित है। तीनों ही पदों पर सीधे जनता की ओर से वोटिंग के माध्यम से मेयर चुनने का प्रविधान है।
इन तीनों में कौन से नगर निगम का मेयर का पद महिला, एससी या बीसी के लिए आरक्षित होगा, इसका फैसला 1 दिसंबर 2025 को होगा।
बीजेपी के है तीनों मेयर
बता दें कि अंबाला, सोनीपत और पंचकूला तीनों स्थानों पर इस समय बीजेपी के मेयर हैं। अंबाला की मेयर शक्ति रानी शर्मा के कालका का विधायक बनने के बाद इस पद पर सैलजा सचदेवा कार्यरत हैं, जबकि सोनीपत के मेयर निखिल मदान के विधायक बनने के बाद CM के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन मेयर बने थे। वहीं पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल हैं। आरक्षण के लिए ड्रा निकलने के बाद तय होगा कि संबंधित मेयर दोबारा चुनाव लड़ पाएंगे या कोई नया उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेगा।








