Haryana News: हरियाणा के सिरसा जिले से बड़ी खबर आ रही है। यहां सिविल लाइन थाना पुलिस ने भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पुलिसकर्मियों को आज अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड अवधि के दौरान इस प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में विस्तार से पूछताछ की जाएगी ।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक सिरसा दीपक सहारन ने बताया है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिस कर्मचारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलाव कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बीती 6 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण सूचना मिली थी कि पुलिस विभाग के सदर थाना में कार्यरत सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र के पास 31 अक्टूबर 2025 को कथित सरदुलगढ निवासी एक महिला ने सिरसा निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ रेप की शिकायत दी थी ।
2 लाख रुपये की ली थी रिश्वत
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उक्त दरखास्त की जांच के दौरान सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र तथा ई. सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार ने आरोपी से मामला रफा-दफा करने के एवज में सिरसा निवासी व्यक्ति से करीब 2 लाख 30 हजार रूपए की रिश्वत ली थी। मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन के संज्ञान में आया तो तुरंत प्रभाव से त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएसपी आदर्श दीप के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर जांच शुरू की गई थी । पुलिस जांच के दौरान आरोप सही पाए गए तथा तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपी पुलिस कर्मचारियों को मात्र 24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सब इंस्पेक्टर जगदीश चंद्र पुत्र आत्माराम निवासी गांव मोहम्मदपुर रोही,जिला फतेहाबाद व ई सहायक उपनिरीक्षक विजय कुमार पुत्र श्योनारायण निवासी गांव भाना,जिला हिसार के रूप में हुई है । पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी को भी बक्सा नहीं जाएगा
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी को भी बक्सा नहीं जाएगा । उन्होंने कहा है कि थानों में आने वाले फरियादियों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर सुनकर उनका तुरंत प्रभाव से निदान करवाएं । अधिकारी और कर्मचारी जनता के प्रति व्यवहार अच्छा रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग की प्राथमिकता ईमानदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इस संदर्भ में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा की गई अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होने बताया कि इस मामले में गहनता से जांच की जा रही, यदि कोई अन्य कर्मचारी इस मामले में संलित पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।









