Haryana News: डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि हरियाणा सरकार राज्य के किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर अधिक लाभकारी बागवानी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान स्कीम लेकर आई है।
दरअसल, उद्यान विभाग की ओर से शुरू की गई इस योजना के तहत किसानों को बागवानी फसलों की खेती करने पर उदार वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
जिला बागवानी अधिकारी ने बताया कि अनुदान प्रावधानों के अंतर्गत किसानों को फलों के नए बाग लगाने, सब्जियों की एकीकृत मॉडल के तहत खेती करने, फूलों, मसालों तथा खुशबूदार पौधों की खेती के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार द्वारा इन सभी श्रेणियों के लिए अलग-अलग दरों पर सब्सिडी निर्धारित की गई है।
फलों का बाग लगाने पर किसानों को मिलेगी सब्सिडी
फलों के बाग लगाने पर किसानों को 24 हजार 500 से लेकर 1 लाख 40,000 प्रति एकड़ तक सब्सिडी मिलेगा।
सब्ज़ियों के लिए मिलेगी इतनी सब्सिडी
सब्जियों की खेती के एकीकृत मॉडल के लिए 15 हजार प्रति एकड़ और अनुशंसित फसलों के लिए 25 हजार 500 प्रति एकड़ तक सहायता राशि दी जाएगी।
मसालों की खेती के लिए मिलेगी इतनी सब्सिडी
मसालों की खेती के लिए यह राशि 15 हजार से 30 हजार प्रति एकड़ तक और फूलों की खेती के लिए 8 हजार से 40 हजार प्रति एकड़ तक होगी। इसके अतिरिक्त, खुशबूदार पौधों की खेती पर भी 8 हजार प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी।
कौन ले सकता है सब्सिडी
किसान अधिकतम 5 एकड़ क्षेत्र तक इस अनुदान का लाभ ले सकेंगे।
ऐसे कर सकेंगे आवेदन
आवेदन प्रक्रिया को भी सरल और ऑनलाइन बनाया गया है। इच्छुक किसान “मेरी फसल, मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर पंजीकरण करवाने के साथ-साथ उद्यान विभाग के हॉर्टनेट पोर्टल hortnet.hortharyana.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ किसानों को अपने परिवार पहचान पत्र, बैंक खाते का विवरण, और अनुशंसित फसलों का प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो) प्रस्तुत करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं या विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-2021 पर कॉल कर सकते हैं।









