Haryana: हरियाणा स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने आज भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान में एक और बड़ी सफलता दर्ज की है। राज्य के दो जिलों—हिसार और गुरुग्राम—में की गई प्रभावी ट्रैप कार्रवाइयों में एक हल्का पटवारी, उसका बिचौलिया तथा एक पुलिस कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। ये दोनों कार्रवाइयाँ स्पष्ट संकेत देती हैं कि हरियाणा सरकार की शून्य सहनशीलता नीति पूरी सख़्ती के साथ लागू की जा रही है।
हिसार में जमीन रिकॉर्ड दुरुस्त करने के बदले रिश्वत—पटवारी और बिचौलिया पकड़े गए
हिसार के भाटला गांव के निवासी शिकायतकर्ता श्री जोगेन्दर की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ब्यूरो ने पाया कि हल्का पटवारी अजीत S/o ज्ञानेन्द्र, तहसील हांसी, शिकायतकर्ता से जमीन रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए ₹5,000 की रिश्वत की माँग कर रहा था। पटवारी पहले ही ₹4,500 ले चुका था और आज माँगी गई बाकी राशि ₹5,000 बिचौलिया गोविंद S/o सुनील कुमार को देने को कहा। ब्यूरो की टीम ने पूरी योजना के अनुसार ट्रैप बिछाया और गोविंद को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि भ्रष्टाचार की किसी भी कड़ी को छोड़ा नहीं जाएगा—चाहे वह मांगने वाला अधिकारी हो या रिश्वत पहुँचाने वाला मध्यस्थ।
गुरुग्राम में GRAP के नाम पर वसूली—कांस्टेबल ₹15,000 लेते ही गिरफ्तार
गुरुग्राम में शिकायतकर्ता श्री राजीव चंदा ने रिपोर्ट किया कि थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में तैनात कांस्टेबल यशपाल S/o रत्तन लाल उनके घर पहुँचा और GRAP (Graded Response Action Plan) का हवाला देकर निर्माण कार्य रुकवाने की धमकी दी। इसके बदले कांस्टेबल ने ₹15,000 की रिश्वत माँगी। ब्यूरो ने शिकायत की सत्यता की पुष्टि होने पर त्वरित ट्रैप कार्रवाई की और यशपाल को शिकायतकर्ता से राशि लेते ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह घटना स्पष्ट करती है कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आमजन से अपील—भ्रष्टाचार न सहें, तुरंत रिपोर्ट करें
राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी राज्य की व्यवस्था को कमजोर करते हैं, इसलिए इनके खिलाफ हर शिकायत पर निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की माँग करता है, तो इसकी तुरंत सूचना टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें। ब्यूरो की टीमें 24×7 ऐसी शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई कर रही हैं।
हरियाणा विजिलेंस की ये सफलताएँ साफ संकेत देती हैं—राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अब और भी तीव्र, पारदर्शी और अडिग है।









