Gorakhpur-Siliguri Expressway Update: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के मार्ग में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से सीधे कुशीनगर होकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जाएगा। इस नए एलाइनमेंट में देवरिया जिले को शामिल नहीं किया गया है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी तमाम जानकारी।
जानकारी के मुताबिक, पहले की योजना के हिसाब से एक्सप्रेसवे गोरखपुर के रिंग रोड के कनेक्टिंग प्वाइंट जगदीशपुर से शुरू होकर देवरिया के 23 गांवों और फिर कुशीनगर के तमकुहीराज तहसील के रास्ते बिहार के गोपालगंज जिले में एंट्री करने वाला था। इस पुराने रूट को परमिशन भी मिल चुकी थी और भूमि अधिग्रहण की तैयारी भी शुरू हो गई थी।
नए प्रस्तावित योजना के अनुसार, गोरखपुर से कुशीनगर के बीच उत्तर प्रदेश की सीमा तक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 86.5 किमी होगी। यह रूट सीधे और तेज यात्रा के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वाहनों को कम मोड़ और अवरोध मिलेंगे और यात्रा समय में कमी आएगी।
खबरों की मानें, तो देवरिया के जिन 23 गांवों से पहले एक्सप्रेसवे गुजरने वाला था, उनमें बेलवा पांडेय, बंसहिया, चैनपुर, भिस्वा, महुअवा बजराटार, बालकुंआ, मड़पा, शाहजहांपुर और देसही देवरिया जैसे गांव शामिल थे। अब रूट बदलने से इन इलाकों में विकास और रोजगार की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
वहीं कुशीनगर जिले को इस बदलाव से बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह क्षेत्र बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, इसलिए एक्सप्रेसवे के गुजरने से यहां पर्यटन, होटल व्यवसाय और व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है।इससे जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
खबरों की मानें, तो गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे करीब 550 किलोमीटर लंबा सिक्स लेन हाईवे होगा।इसकी खासियत यह है कि इसमें कोई बड़ा मोड़ नहीं होगा। जिससे वाहनों की गति बनी रहेगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 37,500 करोड़ रुपये है और इसके निर्माण से आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने में मदद मिल सकेगी।












