NSAP: बुजुर्गों और विधवाओं के लिए खुशखबरी आई है। भारत सरकार का राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम देश के गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांग नागरिकों के लिए समर्पित एक बेहद प्रभावी योजना है। 15 अगस्त 1995 को शुरू हुई यह योजना पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वृतपोषित और ग्रामीण विकास मंत्रालय इसे संचालित करता है।
इसका उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को बुनियादी आर्थिक सुरक्षा देना है ताकि कोई भी व्यक्ति गरीबी की वजह से असहाय महसूस ना करें। NSAP के तहत अभी 3.9 करोड़ से ज्यादा लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना, निशक्त पेंशन योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और अन्नपूर्णा योजना शामिल है। इन योजनाओं के तहत 60 वर्षों से ऊपर के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग जनों को हर महीने 200 से ₹500 तक की वृत्तीय सहायता दी जाती है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को प्रोत्साहित किया है कि वह इस राशि पर अतिरिक्त टॉपअप जोड़कर लाभार्थियों को और अधिक मदद दें। कई राज्यों में असौत पेंशन राशि अब ₹1100 तक पहुंच चुकी है। इसी तरह परिवार के मुख्य सदस्य की मृत्यु की स्थिति में बीपीएल परिवारों को ₹00 की एक मुशत सहायता दी जाती है जिससे तत्काल आर्थिक राहत मिल सके।
वहीं अन्नपूर्णा योजना के जरिए उन वरिष्ठ नागरिकों को 10 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है जो पेंशन के पात्र हैं। लेकिन किसी कारणवश अब तक पेंशन नहीं पा रहे हैं। NSAP का पूरा ढांचा अब डिजिटल हो चुका है। लाभार्थियों के नाम, आधार नंबर, बैंक खाते और मोबाइल जानकारी NSAP पोर्टल, एनएसएp.nic.in पर दर्ज है।
2.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खाते आधार से जोड़े जा चुके हैं। जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जी वाला पूरी तरह समाप्त हुआ है। सरकार ने 15 जुलाई 2025 को इसका नया मोबाइल ऐप ल्च किया है। जिससे पेंशन धारकों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण मोबाइल से ही जमा करने की सुविधा मिलेगी।
इससे बुजुर्गों को अब बैंक या पंचायत जाने की जरूरत नहीं होगी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए NSAP का बजट ₹9652 करोड़ रखा गया है। जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार सामाजिक सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यह योजना लाखों परिवारों के लिए ना सिर्फ आर्थिक सहारा बनी है बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की एक नई उम्मीद भी जगा रही है।












