झज्जर, 16 मई। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में बंधुआ श्रम अधिनियम, 1976 (एएलसी) के अंतर्गत जिला सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में बंधुआ मजदूरी की रोकथाम, श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा, पुनर्वास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान श्रम विभाग के एएलसी राजेन्द्र हुड्डा ने बालश्रम व बंधुआ मजदूरी रोकने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बंधुआ मजदूरी जैसी कुप्रथा समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में किसी भी स्तर पर यदि बाल श्रम से संबंधित मामला सामने आता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाकर ईंट-भट्टों, औद्योगिक इकाइयों, निर्माण स्थलों तथा अन्य श्रमिक स्थलों का निरीक्षण करें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा सहायता व्यवस्थाओं के बारे में जागरूक करना भी बेहद आवश्यक है। इसके लिए श्रम विभाग, पुलिस विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग संयुक्त रूप से जागरूकता अभियान चलाएं। गांवों और शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों के बीच प्रचार-प्रसार कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक दबाव के कारण बंधुआ मजदूरी का शिकार न बने।
बैठक में उपायुक्त स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों से संबंधित शिकायतों के समाधान में लापरवाही न बरती जाए। यदि किसी व्यक्ति को बंधुआ मजदूरी से संबंधित जानकारी मिलती है तो उस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित व्यक्ति को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित श्रमिकों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाया जाए।
श्रम विभाग के एएलसी राजेन्द्र हुड्डा ने बैठक में अधिनियम के तहत जिले में किए जा रहे निरीक्षणों, जागरूकता गतिविधियों तथा श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न स्थानों पर नियमित निगरानी रखी जा रही है तथा श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जिले में श्रमिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध करवाना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने समिति के सदस्यों से भी सुझाव मांगे और कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त किया जा सकता है।
इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डीएमसी अभिनव सिवाच,जिला परिषद सीईओ मनीष फौगाट, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसडीएम बादली विशाल कुमार,एसीपी शमशेर सिंह व सुरेंद्र सिंह,डीडीपीओ निशा तंवर,सिविल सर्जन डॉ मंजू कादयान,डीसीपीओ विकास वर्मा, डिप्टी डीईओ रूपेंद्र नांदल,सीडब्ल्यूसी सदस्य पंकज शर्मा,स्वयंसेवी संस्था से मनोज शर्मा, जिला सतर्कता समिति के सदस्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बालश्रम व बंधुआ मजदूरी की रोकथाम के लिए प्रशासन सजग : डीसी





