झज्जर, 01 मई। डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि जिले में रबी फसल कटाई के उपरांत खेतों में अवशेष (फाने) जलाने की घटनाओं पर रोक को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। ऐसे में कृषि अधिकारी किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक करें।
डीसी शुक्रवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में संबंधित अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरसेक के माध्यम से सेटेलाइट निगरानी द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रीयल टाइम नजर रखी जाए। किसी भी खेत में अवशेष जलाने की स्थिति में उस स्थान की जीपीएस लोकेशन तुरंत प्रभाव से ट्रेस कर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । इसके अलावा गांव स्तर पर मॉनिटरिंग टीमें सक्रिय रहें जो खेतों में आग लगने की घटना पर पैनी नजर रखें। उन्होंने वीएलसी की टीम व अन्य मॉनिटरिंग अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज्यादा से ज्यादा फील्ड में निरीक्षण करते रहें तथा अपनी लाइव लोकेशन ग्रुप में शेयर करें।
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में फसल अवशेष न जलाएं, क्योंकि यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि पर्यावरण और भूमि की उर्वरता के लिए भी बेहद घातक है।
डीसी ने स्पष्ट किया कि जिस खेत में फसल अवशेष जलने की पुष्टि होने पर खेत मालिक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
साथ ही खेत मालिक आगामी सीजन तक मेरी फसल – मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल पंजीकृत नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि अवशेष जलाने की प्रवृत्ति से भूमि की जैविक संरचना नष्ट होती है, मित्र कीट खत्म हो जाते हैं और वायु प्रदूषण में खतरनाक वृद्धि होती है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
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कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को करें जागरूक
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के वैज्ञानिक विकल्पों जैसे मल्चर, रोटावेटर, सुपर सीडर आदि के बारे में जागरूक करें और फील्ड स्तर पर जाकर प्रत्यक्ष रूप से मार्गदर्शन करें।
उन्होंने ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तहत पाबन्धी है। ऐसे में किसानों से आह्वान किया जा रहा है वे फसल अवशेष प्रबंधन करें और अपने खेतों में फसल अवशेषों को आग ना लगाएं।
इस अवसर पर डीडीए डॉ सुरेंद्र मलिक, डीडीपीओ निशा तंवर, कृषि अभियंता डॉ राजीव चावला, एसडीओ डॉ जगजीत सांगवान, एसडीओ बहादुरगढ़ डॉ सुनील कौशिक, एसएमएस डॉ रमेश लांबा, डॉ रोहित वत्स सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।





