Haryana: हरियाणा के फतेहाबाद जिले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के एसपी सिद्धांत जैन ने बड़ा एक्शन लिया है, उन्होंने पराली जलाने से जुड़े मामले में 4 पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और 23 पुलिस कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, पराली जलाने के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर रहने का खामियाजा अब सरकारी कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, DC-SP को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस जारी होने के बाद SP सिद्धांत जैन ने निगरानी तंत्र में लगे चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही 23 पुलिस कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, बता दें कि, फतेहाबाद में लगातार पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। सबसे ज्यादा पराली जलने के मामले में फतेहाबाद प्रदेश में दूसरे नंबर पर है। यहां अब तक 73 फायर लोकेशन मिल चुकी हैं। 34 किसानों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। Haryana News
आयोग से नोटिस
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से फतेहाबाद के DC डॉ. विवेक भारती और SP सिद्धांत जैन को भी नोटिस जारी किया जा चुका है। नोटिस में कहा गया है कि पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसा क्यों हुआ है। फतेहाबाद के साथ-साथ जींद और हिसार के अधिकारियों को भी नोटिस मिला था। Haryana News
लगाई थी निगरानी
मिली जानकारी के अनुसार, फतेहाबाद जिले में रेड जोन में हर 50 किसानों पर निगरानी लगाई गई थी। इसके लिए बाकायदा निगरानी टीम बनाई गई थी। जिनका काम निगरानी के साथ-साथ किसानों को जागरूक करना भी था। साथ ही थाना प्रभारियों को भी निगरानी के निर्देश दिए गए थे। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, कृषि उपनिदेशक डॉ.राजेश सिहाग ने बताया कि अब तक 34 किसानों पर FIR करवाई गई है। इतने ही किसानों पर 1 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। तीन सब डिवीजन लेवल के नोडल ऑफिसर, चार ब्लॉक लेवल के नोडल ऑफिसर, 11 विलेज लेवल के नोडल ऑफिसरों को नोटिस जारी कर 72 घंटे में जवाब मांगा है। Haryana News
लगी थी ड्यूटी
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार ने बताया कि SP सिद्धांत जैन की ओर से 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 23 पुलिसकर्मियों को नोटिस जारी किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, पराली जलाने के मामलों में निगरानी के लिए पुलिस की भी ड्यूटियां लगी थी।











