Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना में राजस्व विभाग ने तहसीलदार जिवेंद्र सिंह के खिलाफ बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तहसीलदार से नायब तहसीलदार के पद पर रिवर्ट कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, साथ ही विभाग ने आदेश जारी किए हैं कि वे तहसीलदार पद पर रहते हुए प्राप्त किया गया अतिरिक्त वेतन भी लौटाएँगे। यह कार्रवाई गुरुग्राम में नायब तहसीलदार रहते हुए दर्ज हुई एक शिकायत की जांच पूरी होने के बाद की गई। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, जिवेंद्र सिंह का पूरा करियर विवादों से घिरा रहा है। वर्ष 2000 में पटवारी पद पर काम करते समय विजिलेंस ने उन्हें कथित रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में शिकायतकर्ता के बयान बदलने पर वे मामले से बरी हो गए। Haryana News
गड़बड़ी का आरोप
जानकारी के मुताबिक, इसके बाद 2005 में उन पर फर्जी जमाबंदी और जाली दस्तावेजों के आधार पर भूमि सौदे में गड़बड़ी का आरोप लगा। इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें तीन साल की सजा सुनाई थी, जो वर्तमान में हाईकोर्ट में लंबित है। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, सोनीपत में तहसीलदार रहते हुए भी उनका कई स्टांप वेंडरों और वसीका नवीसों से टकराव रहा। यह मुद्दा ग्रीवेंस कमेटी की बैठक तक पहुंचा था, जिसके बाद उनकी कार्यशैली की जांच के निर्देश दिए गए और तहसील परिसर में अवैध वेंडरों के खोखे भी हटवाए गए। Haryana News
रिटायरमेंट
जानकारी के मुताबिक, बीते कुछ समय से वे लगातार छुट्टी पर चल रहे हैं। जिवेंद्र सिंह 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने पुष्टि की कि जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।











