सिरसा। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने कहा कि नगर परिषद हाउस की बैठक सिर्फ दिखावा बनकर रह गई है। गत दिवस हुई नप हाउस की बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि बैठक में विपक्षी पार्षद तो दूर सत्ताधारी दल के पार्षदों तक की सुनवाई नहीं होती। प्रधान व नगर परिषद अधिकारी मनमाने ढंग से कम कर रहे हैं और पार्षद आंसू बहा रहे हैं। शर्मा ने कहा कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। जो भी पार्षद भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करता है, उसकी आवाज या तो दबा दी जाती है अथवा उसे तरह-तरह से परेशान किया जाता है। उस पार्षद के वार्ड में विकास के काम रुकवा दिए जाते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि नगर परिषद हाउस की बैठक इसलिए बुलाई जाती है ताकि शहर के विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा कर कोई निर्णय लिया जा सके, लेकिन बैठकों में जनप्रतिनिधियों की वास्तविक समस्याओं और सुझावों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। राजकुमार शर्मा ने कहा कि न केवल विपक्षी दलों के पार्षदों की अनदेखी की जा रही है, बल्कि सत्ताधारी दल के पार्षदों को भी तवज्जो नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी दोनों हाथों से जनता का पैसा लूट रहे हैं, और प्रधान की इस दिशा में चुप्पी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शर्मा ने खुलकर कहा कि शहर के विकास कार्यों के लिए भेजी गई करोड़ों की राशि में से महज 10% ही खर्च हो पता है, जबकि बाकी का 90% पैसा नगर परिषद के भ्रष्ट अधिकारी व ठेकेदार मिलकर डकार जाते हैं। राजकुमार शर्मा ने मांग की की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार को चाहिए कि वह नगर परिषद में जारी भ्रष्टाचार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।






