हिसार, 21 जून।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला न्यायालय परिसर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुदीप कौर भट्टी, सीजेएम राजीव व जेएमआईसी अभिषेक गर्ग सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग है, जिसने आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर उसे सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति तनाव, चिंता एवं विभिन्न जीवनशैली जनित बीमारियों से बचाव कर सकता है तथा स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त एवं प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में मानसिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता बनाए रखने के लिए योग की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, एकाग्रता एवं कार्यक्षमता का विकास करता है, जिससे वह अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें, ताकि एक स्वस्थ, सशक्त एवं सकारात्मक समाज के निर्माण के लक्ष्य को साकार किया जा सके।






