झज्जर, 16 मई।
डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल की अध्यक्षता में बेसहारा पशुओं (स्ट्रे कैटल) की समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर परिषद, पशुपालन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा समाजसेवी व कई गौशालाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों को कैटल फ्री बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा अनुदान भी दिया जा रहा है जिसका लाभ लेते हुए गौवंश को गौ शालाओं में शिफ्ट किया जाए।
डीसी ने गौशाला से जुड़े समाजसेवियों से अपील की कि वे सेवा भावना के साथ इस कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। बेसहारा पशुओं की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थापन के लिए जनसहभागिता और सरकारी योजना दोनों को एक साथ जोड़ना आवश्यक है। उपायुक्त ने नगर परिषद झज्जर और बहादुरगढ़ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहरों में बेसहारा पशुओं के प्रबंधन के लिए ठोस योजना तैयार करें और गौशालाओं के साथ संपर्क स्थापित करके गौवंश को वहां स्थानांतरित करें।
उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गांवों में स्थित गोचरान भूमि पर गौशालाएं बनाने की संभावनाओं पर ग्राम पंचायतों से चर्चा करें ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. मनीष डबास ने बैठक में जानकारी दी कि हरियाणा सरकार द्वारा बेसहारा नंदियों और गायों के लिए ‘हरियाणा गौ सेवा आयोग’ के माध्यम से अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे गौशालाओं को आर्थिक सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ सभी पात्र संस्थाएं उठा सकती हैं।
डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे इस योजना की रूपरेखा तैयार करें और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बेसहारा पशुओं को सुरक्षित रूप से पकड़ने और उन्हें गौशालाओं में भेजने के लिए एक बेहतर और व्यावहारिक रणनीति तैयार की जाए,जिससे ऐसे पशुओं की देखरेख भी सुनिश्चित हो।
*इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद*
इस अवसर पर डीएमसी अभिनव सिवाच,सीईओ जिला परिषद मनीष फौगाट, डीडीपीओ निशा तंवर, डिप्टी डायरेक्टर (पशुपालन विभाग) मनीष डबास, सचिव (नगर परिषद झज्जर) पूजा साहू सहित विभिन्न गौशालाओ के प्रतिनिधि व संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






