Haryana : हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस के अहम गवाह और उनके गनमैन सुशील कुमार को जेल में धमकी मिलने के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। खबरों की मानें, तो जांच में सुशील कुमार को रोहतक जेल में धमकाने के सभी आरोपों को खारिज कर दिया गया है।
पुलिस की इस जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि गनमैन सुशील कुमार की बैरक के अन्य कैदियों के साथ टीवी के वॉल्यूम बढ़ाने को लेकर लड़ाई हुई थी। जिसके बाद सुशील कुमार की पत्नी सोनी देवी ने रोहतक की सुनारिया जेल में पति को धमकियां मिलने का आरोप लगाया था। जिसके बाद 4 नवंबर को सुशील कुमार को रोहतक की सुनारिया जेल से अंबाला जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। इसके बाद डीजी जेल ने पूरे मामले की जांच करवाई है।
सुशील की पत्नी ने रोहतक की जेल में बताया था खतरा
बता दें कि गनमैन सुशील कुमार की पत्नी सोनी देवी ने दावा किया था कि रोहतक जेल में उनके पति को जान का खतरा है और इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि जेल में यातनाएं देने के आरोप लगाए गए थे। इसको लेकर उन्होंने हरियाणा सरकार को भी एक लेटर लिखा था। उनकी मांग का संज्ञान लेते हुए हरियाणा के डीजी जेल आलोक राय ने इस पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उनके निर्देश पर सुशील कुमार को रोहतक से अंबाला जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
क्या है मामला
बता दें कि गनमैन सुशील कुमार पर रोहतक के एक शराब कारोबारी से 2.50 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ 6 अक्टूबर को रोहतक पुलिस ने करप्शन का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। सुशील कुमार लंबे समय से आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार कुमार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) रहे हैं। आरोप है कि पीएसओ ने शराब कारोबारी से यह पैसा अधिकारी के लिए मंथली के तौर पर मांगा था।









