Haryana Kisan News: हरियाणा में रबी की फसलों की बुवाई का काम शुरू हो गई है। वहीं सरकार ने रबी की फसलों का बीमा करवाने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तारीख तय की है। इससे पहले किसानों को खेतों में फसल बदलने या किसी अन्य प्रकार के ब्योरे में परिवर्तन को लेकर 24 दिसंबर तक बैंक, बीमा कंपनी या फिर कृषि विभाग में सूचना देनी होगी। फसलों को नुकसान होने की स्थिति में बीमा कंपनियां पिछली बार की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक मुआवजा देंगी।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग की मानें, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में रबी के लिए गेहूं, सरसों, जौ, चना, सूरजमुखी और मूंग की फसलों शामिल किया गया है। किसानों ने फसल के लिए जितने रुपये तक का बीमा करवाया है उन्हें उसका 1.5 प्रतिशत बतौर प्रीमियम जमा करवाना होगा।
खबरों की मानें, तो प्रदेश में अभी तीन बीमा कंपनियां काम कर रही हैं। प्रदेश के 22 जिले तीन क्लस्टर में विभाजित हैं। क्लस्टर-एक में सिरसा, रोहतक, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, पंचकूला और रेवाड़ी शामिल हैं। वहीं क्लस्टर-दो में हिसार, सोनीपत, गुरुग्राम, करनाल, जींद, महेंद्रगढ़ और अंबाला शामिल है।इसके अलावा क्लस्टर-3 में यमुनानगर, पानीपत, पलवल, भिवानी, फतेहाबाद, झज्जर, मेवात और चरखी दादरी शामिल हैं।
खबरों की मानें, तो हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक ने बताया कि किसानों को कोई परेशानी न हो इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
प्रति हेक्टेयर इतना मुआवजा बढ़ा
फसल : 2024-2025 : 2025-2026
1. गेहूं – 76541 : 80368 रुपये
2. सरसों -51373 : 53942 रुपये
3. जौ – 48779 : 51218 रुपए
4. चना – 37622 : 39503 रुपये
5. सूरजमुखी -51892 : 54487 रुपए
6. मूंग -45405 : 47675 रुपए
नोट : मुआवजा रुपये में।









