Haryana : हरियाणा में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, विधायक जनरैल सिंह और नरेश सेलवाल और पूर्व विधायक रामनिवास घोडेला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एक हिंदी अखबार की खबर की मानें, तो 12 साल पुराने भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) में भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इनके खिलाफ मुकदमा चलाने की सरकार से मंजूरी मांगी है।
राव नरेंद्र सिंह 2013 में प्रदेश सरकार में मंत्री थे इसलिए उनके खिलाफ मुकदमे को राज्यपाल से मंजूरी लेनी होगी जबकि
तत्कालीन तीनों विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति विधानसभा स्पीकर देंगे।
खबर की मानें, तो एसीबी ने इसकी मंजूरी के लिए प्रदेश सरकार को लेटर लिखा है। मंजूरी मिलते ही विधायकों के खिलाफ चालान पेश होगा। वहीं राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है।
बताया जा रहा है कि राज्यपाल और स्पीकर से मंजूरी मिलने के बाद मुकदमे में सुनवाई शुरू होगी। राव नरेंद्र सिंह के प्रदेशाध्यक्ष बनने के कुछ समय बाद यह मामला खुला और उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। हालाँकि, राव नरेंद्र सिंह ने कार्रवाई को राजनीति षड्यंत्र और 12 साल से निष्क्रय मामले में तेजी लाने को भाजपा की प्रतिशोध की राजनीति बताया था।
क्या है मामला
खबर की मानें , तो राव नरेंद्र सिंह ने पलवल में 30 एकड़ जमीन के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन लाइसेंस दिलाने के बदले धर्मेंद्र कुहाड़ से करीब 30-50 करोड़ रुपए की मांग की थी। ACB ने कोर्ट में गवाहों की लिस्ट सौंपी है, जिसमें इनेलो के एक नेता भी हैं। पुलिस ने 29 जनवरी, 2016 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।









