सिरसा, 19 जून। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने शुक्रवार को सिरसा आगमन के दौरान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शहर की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए शहर की जर्जर सड़कों, विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं तथा बरसाती पानी की निकासी की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ज्ञापन में राजकुमार शर्मा ने कहा कि शहर में नई बनी सड़कों को विभिन्न विभागों द्वारा बार-बार उखाड़ा जा रहा है। कभी जनस्वास्थ्य विभाग पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें तोड़ देता है तो कुछ समय बाद नगर परिषद उन्हीं सड़कों को दोबारा खोद देती है। इससे सरकारी धन का लगातार दुरुपयोग हो रहा है और आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि हिसारिया बाजार, सदर बाजार, रोड़ी बाजार, भादरा बाजार, सर्कुलर रोड, रोड़ी गेट, शिव चौक, अनाज मंडी रोड, बंद गेट, रानियां रोड, घंटाघर चौक, नोहरिया बाजार और जनता भवन रोड सहित शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कें बदहाल स्थिति में हैं। इन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आते हैं।
शर्मा ने कहा कि बरसाती पानी की निकासी के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन इसके बावजूद पहली ही बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है। हर वर्ष बरसाती नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई इलाके टापू में तब्दील हो जाते हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले शहर में केवल पैचवर्क कर वास्तविक समस्याओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि विकास कार्य गुणवत्ता के साथ किए गए होते तो आज ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
राजकुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के अलावा वे स्वयं शहर के प्रमुख बाजारों और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। साथ ही सड़क निर्माण, बार-बार की गई खुदाई, बरसाती नालों की सफाई और अन्य विकास कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा शहर की सड़कों, जलभराव और अन्य मूलभूत समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।






