RBI ने एक बार फिर 4 बैंकों पर बड़ा एक्शन लिया है। नियम तोड़ने वाले बैंकों के खिलाफ RBI ने सख्ती दिखते हुए चार बैंकों पर भारी जुर्माना लगाया है। जानकारी के मुताबिक, इनमें से दो बैंक आंध्र प्रदेश में और कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के बैंक भी इस लिस्ट में शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस बात की जानकारी RBI ने प्रेस विज्ञप्ति के लिए अपने आधिकारिक वेबसाइट पर 24 नवंबर सोमवार को दी है। RBI Action News
जानकारी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के द डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड, कुरनूल पर केंद्रीय बैंक ने 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस पर KYC और लोन से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। बैंक ने निदेशकों से संबंधित लोन भी स्वीकृत किए। RBI Action News
मिली जानकारी के अनुसार, साथ एक सेंट्रल KYC रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर निर्धारित समय सीमा के भीतर ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को अपलोड करने में भी विफल रहा। वहीं द डिस्टिक को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक लिमिटेड काकीनाडा पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसने भी डायरेक्टर से संबंधित लोन स्वीकृत किए। RBI Action News
जानकारी के मुताबिक, सभी बैंकों का निरीक्षण नेशनल बैंक ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा किया गया था। यह कदम बैंकों के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए जरूरी था। इस दौरान यह पता चला कि बैंक कुछ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। RBI Action News
मिली जानकारी के अनुसार, इसके बाद कारण बताओं Notice जारी किया गया। Notice पर प्राप्त प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों के आधार पर Penalty लगाने का फैसला लिया गया।
लगा जुर्माना RBI Action News
जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के टुमकुर ग्रेन मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक ने 100% से ज्यादा रिस्क वेट वाले नए लोन और एडवांस को मंजूरी दी। SBI से ज्यादा फिक्स्ड डिपॉजिट पर इंटरेस्ट रेट ऑफर किया। ज्यादा NPA या डिफॉल्ट वाले सेक्टर को क्रेडिट सुविधाओं की मंजूरी भी दी।
चला डंडा RBI Action News
मिली जानकारी के अनुसार, UP के द फतेहपुर डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना RBI ने लगाया है। 31 मार्च 2024 को नाबार्ड द्वारा किए गए इन्फेक्शन में दिशानिर्देशों के अनुपालन में खामियों का खुलासा हुआ था। आरोपों पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया। जानकारी के मुताबिक, इस बैंक ने अपने ग्राहकों के KYC अपडेशन को निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया। इसके अलावा अकाउंट के रिस्क कैटेगरी को समय-समय पर रिव्यू करने के लिए सिस्टम लागू नहीं कर पाया, जो 6 महीने में कम से कम एक बार होना चाहिए। RBI Action News
जानकारी के मुताबिक, RBI ने स्पष्ट किया है की कार्रवाई का प्रभाव ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे किसी भी लेनदेन या एग्रीमेंट पर नहीं पड़ेगा। इसलिए यदि इस सूची में शामिल किसी भी बैंक में आपका अकाउंट है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। RBI Action News
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राहक पहले की तरह ट्रांजेक्शन को जारी रख सकते हैं। न ही इस कार्रवाई का असर भविष्य में होने वाले RBI के किसी अन्य एक्शन पर पड़ेगा।











